8th Pay Commission कब लागू होगा और क्या-क्या होंगे फायदे?

 

8th Pay Commission

8th Pay Commission जैसा की आप सभी को पता होगा की भारत सरकार समय-समय पर अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतनमान और भत्तों की समीक्षा के लिए वेतन आयोग (Pay Commission) का गठन करती है। अब तक, सात वेतन आयोग गठित किए जा चुके हैं और अब 8th Pay Commission की चर्चा हो रही है। इस लेख में हम जानेंगे कि 8th Pay Commission क्या है, इसकी ज़रूरत क्यों है, कब लागू हो सकता है और इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलू जो की हम सभी के लिए जानना जरूरी है I

8th Pay Commission पे कितना मिलेगा Payment ?

Level 1 (peons, attendants, support staff): बेसिक पे 18,000 से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकती है, यानी 33,480 रुपये की बढ़ोतरी.

Level 2 (lower division clerks): बेसिक पे 19,900 से बढ़कर 56,914 रुपये हो सकती है, 37,014 रुपये का इजाफा.

Level 3 (constables, skilled staff): बेसिक पे 21,700 से बढ़कर 62,062 रुपये हो सकती है, 40,362 रुपये की बढ़ोतरी.

Level 4 (Grade D stenographers, junior clerks): बेसिक पे 25,500 से बढ़कर 72,930 रुपये हो सकती है, 47,430 रुपये का इजाफा.

Level 5 (senior clerks, technical staff): बेसिक पे 29,200 से बढ़कर 83,512 रुपये हो सकती है, 54,312 रुपये की बढ़ोतरी.

Level 6 (inspectors, sub-inspectors): बेसिक पे 35,400 से बढ़कर 1,01,244 रुपये हो सकती है, 65,844 रुपये का इजाफा.

Level 7 (superintendents, section officers, assistant engineers): बेसिक पे 44,900 से बढ़कर 1,28,414 रुपये हो सकती है, 83,514 रुपये की बढ़ोतरी.

Level 8 (senior section officers, assistant audit officers): बेसिक पे 47,600 से बढ़कर 1,36,136 रुपये हो सकती है, 88,536 रुपये का इजाफा.

Level 9 (Deputy Superintendents of Police, accounts officers): बेसिक पे 53,100 से बढ़कर 1,51,866 रुपये हो सकती है, 98,766 रुपये की बढ़ोतरी.

Level 10 (Group A officers, entry-level civil services): बेसिक पे 56,100 से बढ़कर 1,60,446 रुपये हो सकती है, 1,04,346 रुपये का इजाफा.

वेतन आयोग ( Pay Commission ) क्या होता है ?

वेतन आयोग (Pay Commission) एक सरकारी समिति होती है, जिसका गठन केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में सुधार करने के उद्देश्य से किया जाता है। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति का आकलन करता है और सरकार को वेतन संरचना में आवश्यक सुधार हेतु सिफारिशें प्रस्तुत करता है।

वेतन आयोग की मुख्य भूमिकाएँ :

. वेतन संरचना की समीक्षा: वर्तमान आर्थिक स्थिति और महंगाई दर के अनुसार वेतन में संशोधन की सिफारिशें करना।
. भत्तों में सुधार: सरकारी कर्मचारियों को दिए जाने वाले भत्तों जैसे कि महंगाई भत्ता (Dearness Allowance), मकान किराया भत्ता (House Rent  .  .  Allowance) आदि में सुधार की सिफारिशें करना।
. पेंशन प्रणाली में सुधार: पेंशनभोगियों के लिए वित्तीय लाभों में सुधार करना।
. कार्य स्थिति में सुधार: कर्मचारियों की कार्य स्थिति और जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से नीतियाँ बनाना।

https://doe.gov.in/order-central-pay-commission/16

क्यों लागु होनी चाहिए 8th Pay Commission ?

8th Pay Commission की आवश्यकता इसलिए महसूस की जा रही है क्योंकि वर्तमान में लागू 7th Pay Commission की सिफारिशें भी समय के साथ अप्रासंगिक होती जा रही हैं। कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को सुधारने और महंगाई के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए एक नए वेतन आयोग की जरूरत होती है।

8th Pay Commission की आवश्यकता के प्रमुख कारण  :

 महंगाई में वृद्धि :
समय के साथ महंगाई बढ़ती जा रही है, जिससे सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) में कमी आ रही है।
7th Pay Commission के अनुसार वेतन संरचना अब वर्तमान आर्थिक स्थिति के अनुसार अपर्याप्त हो चुकी है।
वेतन असमानता:
सरकारी और निजी क्षेत्र के वेतनमान में काफी अंतर हो चुका है।
सरकारी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को निजी क्षेत्र के समान स्तर पर लाने के लिए वेतन आयोग आवश्यक है।
पेंशनभोगियों की समस्याएँ:
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में भी सुधार की आवश्यकता है ताकि वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें।
पेंशनधारकों को उचित वित्तीय सहायता प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
आर्थिक विकास में योगदान:
जब कर्मचारियों को अच्छा वेतन और सुविधाएँ मिलती हैं, तो उनकी कार्यक्षमता और उत्पादकता में भी सुधार होता है।
इससे देश के आर्थिक विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कर्मचारियों की संतुष्टि और प्रोत्साहन:
बेहतर वेतन और सुविधाएँ कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 8th Pay Commission के विषय में ?

Q. 8 पे कमीशन में सैलरी कितनी होगी?
सैलरी में इतनी बढ़ोतरी होने का अनुमान
यदि फिटमेंट फैक्टर 2.08 तय होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी (8th Pay Commission minimum salary increase) 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 37,440 रुपये हो सकती है. इसी तरह, पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 18,720 रुपये तक पहुंच सकती है
Q. 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर क्या है?
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग से 2.6-2.85 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 25%-30% की वृद्धि होने की उम्मीद है। इस तरह, निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए मूल न्यूनतम वेतन संभावित रूप से ₹40,000 तक बढ़ सकता है, साथ ही प्रदर्शन वेतन, भत्ते और अतिरिक्त सुविधाएँ भी मिल सकती हैं।
Q. आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष कौन हैं?
हाइलाइट्स नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 16 जनवरी को 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इसने लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स के वेतन और भत्तों की समीक्षा का रास्‍ता खोल दिया है। 

Q. सरकारी आयोग के अध्यक्ष कौन थे?

सरकारिया आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रणजीत सिंह सरकारिया थे. वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश थे. इस आयोग का गठन भारत सरकार ने जून 1983 में किया था

Q. 8वें वेतन आयोग का प्राइवेट कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

8वें वेतन आयोग के जरिए केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य लाभों की समीक्षा करेगा और उसी के हिसाब वेतन में बढ़ोतरी की सिफारिश करेगा. इससे प्राइवेट कर्मचारियों को कोई फायदा नहीं होगा . 

Q. राज्य कर्मचारियों का वेतन कब बढ़ेगा?

इस लिहाज से देखें तो 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा. इसका मतलब है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारी फरवरी 2026 से अपनी बढ़ी हुई सैलरी प्राप्त करना शुरू कर सकते हैं (जो जनवरी 2026 के महीने की सैलरी होगी ) .   

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