अपने लॉन्च के बाद से,ChatGPT के GPT-4o इमेज जनरेटर ने 700 मिलियन से ज़्यादा इमेज बनाई हैं, जो अक्सर स्टूडियो घिबली स्टाइल में बनाई जाती हैं। हालाँकि, इसका दुरुपयोग भी सामने आया है, जिसमें ऑनलाइन नकली आधार कार्ड दिखाई दे रहे हैं, जिससे मौजूदा कंटेंट प्रतिबंधों के बावजूद AI के संभावित खतरों के बारे में चिंताएँ बढ़ गई हैं।
डिजिटल युग में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स जैसे ChatGPT ने हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। इनके माध्यम से हम विभिन्न कार्यों को सरल और तेज़ बना सकते हैं। हालांकि, इन टूल्स का दुरुपयोग भी बढ़ रहा है, विशेषकर आधार कार्ड जैसी संवेदनशील जानकारी की चोरी और दुरुपयोग के मामलों में। यह लेख इस विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है, जिसमें हाल की घटनाएं, सरकार के कदम, और सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
जाने Aadhaar Card और उसकी महत्तव।
Aadhaar Card भारत सरकार द्वारा जारी किया गया एक 12-अंकों का विशिष्ट पहचान संख्या है, जो व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होता है। यह बैंक खाता खोलने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, मोबाइल सिम लेने आदि में आवश्यक होता है। इसकी व्यापक उपयोगिता के कारण, यह साइबर अपराधियों के लिए एक प्रमुख लक्ष्य बन गया है।
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ChatGPT का दुरुपयोग: एक नई चुनौती
ChatGPT जैसे AI टूल्स का उपयोग अब साइबर अपराधी फिशिंग ईमेल और मैलवेयर बनाने में कर रहे हैं। इन टूल्स की मदद से वे अत्यधिक विश्वसनीय संदेश और वेबसाइट बना सकते हैं, जो उपयोगकर्ताओं को धोखा देकर उनकी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल्स आदि, चुरा सकते हैं।
जामताड़ा में एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
जामताड़ा पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो ChatGPT का उपयोग करके मैलवेयर और नकली APKs बनाकर सरकारी योजनाओं के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा था। यह मैलवेयर उपयोगकर्ताओं के फोन से बैंकिंग क्रेडेंशियल्स, आधार डिटेल्स और व्यक्तिगत डेटा चुराने में सक्षम था।
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क्या है फिशिंग ईमेल्स और मैसेजेस?
साइबर अपराधी ChatGPT की मदद से ऐसे फिशिंग ईमेल और मैसेज तैयार कर रहे हैं, जो भाषा और प्रस्तुति में अत्यधिक प्रामाणिक लगते हैं। पहले, भाषा की अशुद्धियों के कारण फिशिंग प्रयासों को पहचानना आसान था, लेकिन अब AI के कारण ये संदेश अधिक विश्वसनीय दिखते हैं, जिससे लोग आसानी से धोखे में आ जाते हैं।
क्या है सरकारी उपाय और निर्देश?
सरकार ने AI टूल्स के दुरुपयोग को गंभीरता से लेते हुए कई कदम उठाए हैं:
जाने वित्त मंत्रालय का निर्देश?
वित्त मंत्रालय ने अपने कर्मचारियों को सरकारी उपकरणों पर ChatGPT और DeepSeek जैसे AI टूल्स के उपयोग से मना किया है, क्योंकि इनसे डेटा की गोपनीयता को खतरा हो सकता है। यह निर्देश जनवरी 2025 में जारी किया गया था।
UIDAI की सलाह
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने आधार नंबर को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर साझा न करें और इसे सुरक्षित रखें। हालांकि, आवश्यकता पड़ने पर पहचान प्रमाण के रूप में आधार का उपयोग करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।
Aadhaar Card की सुरक्षा के लिए कुछ ज़रूरी सुझाव
Aadhaar Card की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
आधार उपयोग की निगरानी करें: UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आधार नंबर का उपयोग इतिहास जांचें। इससे आपको पता चलेगा कि आपका आधार कहां और कब उपयोग किया गया है।
मास्क्ड आधार का उपयोग करें: जब भी संभव हो, पूर्ण आधार नंबर के बजाय मास्क्ड आधार (जिसमें केवल अंतिम चार अंक दिखते हैं) का उपयोग करें।
आधार नंबर को लॉक करें: UIDAI पोर्टल पर जाकर अपने आधार नंबर को लॉक या अनलॉक करें, ताकि अनधिकृत उपयोग रोका जा सके।
संदिग्ध ईमेल और मैसेज से सावधान रहें: अज्ञात स्रोतों से प्राप्त ईमेल या मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करें।
शिकायत दर्ज करें: यदि आपको अपने आधार के दुरुपयोग का संदेह है, तो तुरंत UIDAI के टोल-फ्री नंबर 1947 पर संपर्क करें या help@uidai.gov.in पर ईमेल करें।
AI टूल्स जैसे ChatGPT ने जहां तकनीकी क्षेत्र में नई संभावनाएं खोली हैं, वहीं इनके दुरुपयोग से उत्पन्न खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आधार कार्ड जैसी महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेजों की सुरक्षा हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है। सतर्कता, जागरूकता और उचित सुरक्षा उपायों के माध्यम से हम अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं और साइबर अपराधियों के प्रयासों को विफल कर सकते हैं।