New Income Tax Bill 2025: को संसद में प्रस्तुत किया गया है, जिसका उद्देश्य 1961 के मौजूदा आयकर अधिनियम को सरल और अधिक समझने योग्य बनाना है। यह विधेयक 622 पृष्ठों में विस्तृत है, जिसमें 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां शामिल हैं। इसका मुख्य लक्ष्य कर कानूनों की भाषा को सरल बनाना और करदाताओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया को सहज बनाना है।
New Income Tax Bill 2025 की प्रमुख विशेषताएं:
1. सरल भाषा और संरचना: विधेयक में कानूनी भाषा को सरल किया गया है, जिससे आम करदाता इसे आसानी से समझ सकें। अनावश्यक प्रावधानों को हटाया गया है और छोटे वाक्यों का उपयोग किया गया है।
2.’आकलन वर्ष’ की जगह ‘कर वर्ष’: पारंपरिक ‘आकलन वर्ष’ और ‘पूर्व वर्ष’ की अवधारणाओं को हटाकर ‘कर वर्ष’ की नई परिभाषा प्रस्तुत की गई है, जो वित्तीय वर्ष के अनुरूप होगी। इससे कर निर्धारण की प्रक्रिया में स्पष्टता आएगी।
3. नया कर स्लैब: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नए कर स्लैब की घोषणा की गई है, जिसमें 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर मुक्त रखा गया है। इससे मध्यम वर्ग के करदाताओं को लाभ मिलेगा।
4. अद्यतन रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा: करदाताओं को अपने रिटर्न में सुधार करने के लिए अब 4 वर्ष तक का समय मिलेगा, जो पहले 2 वर्ष था। इससे करदाताओं को अपनी गलतियों को सुधारने के लिए अधिक समय मिलेगा।
5. क्रिप्टोकरेंसी पर स्पष्टता: विधेयक में पहली बार ‘आभासी डिजिटल परिसंपत्तियों’ की स्पष्ट परिभाषा दी गई है, जिससे क्रिप्टोकरेंसी और एनएफटी जैसे डिजिटल संपत्तियों पर कराधान को स्पष्ट किया गया है।
6. वेतन और भत्तों का सरलीकरण: वेतन से संबंधित सभी कटौतियों, जैसे मानक कटौती, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण आदि को एक ही स्थान पर सारणीबद्ध किया गया है, जिससे करदाताओं को विभिन्न प्रावधानों के बीच भ्रमित नहीं होना पड़ेगा।
7. कृषि आय की नई परिभाषा: कृषि आय में नर्सरी में उगाए गए पौधों और बीजों से होने वाली आय को भी शामिल किया गया है, जो न्यायिक फैसलों के अनुरूप किया गया सुधार है।
8. कर विवादों में कमी: सरल भाषा और स्पष्ट प्रावधानों के माध्यम से करदाताओं और आयकर विभाग के बीच होने वाले विवादों की संख्या घटने की उम्मीद है।
9. टीडीएस और कर निर्धारण के नियमों में स्पष्टता: विधेयक में टीडीएस की दरों, प्रिजंप्टिव टैक्स की दरों और कर निर्धारण की समय-सीमा को स्पष्ट करने के लिए अलग-अलग तालिकाओं का इस्तेमाल किया गया है, जिससे करदाताओं को एक ही जगह पर सारी जानकारी मिल सकेगी।
10. करदाता चार्टर का समावेश: विधेयक में करदाता चार्टर प्रस्तावित किया गया है, जो करदाताओं के अधिकारों और दायित्वों को स्पष्ट करेगा, जिससे पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा।
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New Income Tax Bill 2025: (वित्त वर्ष 2025-26):
वार्षिक आय (रुपये में) | कर दर (%) |
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0 – 3,00,000 | 0 |
3,00,001 – 6,00,000 | 5 |
6,00,001 – 9,00,000 | 10 |
9,00,001 – 12,00,000 | 15 |
12,00,001 – 15,00,000 | 20 |
15,00,001 से अधिक | 25 |