गर्मी की छुट्टियों में घूमने की बेस्ट जगह। माउंट आबू, ,महाबलेश्वर, कूर्ग, दार्जिलिंग , नैनीताल

भारत के ऐसे कई टूरिस्ट डेस्टिनेशंस हैं जहां घूमने का प्लान बनाया जा सकता हैं. गर्मियों में खासतौर से यहां घूमने में मजा आता है।

गर्मी की छुट्टियों में घूमने की बेस्ट जगह।

1. माउंट आबू, राजस्थान 

माउंट आबू (Mount Abu) राजस्थान के जोधपुर के निकट सिरोही ज़िले में स्थित एक नगर है यह अरावली पहाड़ियों में स्थित एक हिल स्टेशन है जो एक 22 किमी लम्बे और 9 किमी चौड़े पत्थरीले पठार पर बसा हुआ है। गर्मी की छुट्टियों में घूमने की बेस्ट जगह है।

माउंट आबू इतना प्रसिद्ध क्यों है?

माउण्ड आबू कई धार्मिक स्मारकों के लिए भी प्रसिद्ध है जिसमें दिलवाड़ा के मंदिर, ब्रह्माकुमारी आश्रम, गुरूशिखर और जैन-तीर्थ मुख्य हैं। प्राकृतिक सुन्दता के गंतव्य के साथ ही माउण्ट आबू एक पवित्र तीर्थ-स्थल भी हैं।

माउंट आबू जाने में कितना खर्चा आता है?

माउंट आबू जाने में खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने दिनों के लिए जा रहे हैं, कहां ठहर रहे हैं, और क्या-क्या देखने जा रहे हैं. आइए जानते हैं कि माउंट आबू जाने में कितना खर्च आ सकता है.
अगर आप 3 दिनों के लिए माउंट आबू जा रहे हैं, तो करीब 6,000 से 8,000 रुपये प्रति व्यक्ति खर्च आ सकता है. इसमें रहना, खाना, ट्रांसपोर्टेशन, और सामान्य गतिविधियां शामिल हैं.
. अगर आप वीकेंड के लिए जा रहे हैं, तो करीब 5,000 से 7,000 रुपये प्रति व्यक्ति खर्च आ सकता है.
. अगर आप फ़्लाइट से दिल्ली से माउंट आबू जा रहे हैं, तो करीब 3,000 रुपये खर्च करने होंगे.
. अगर आप ट्रेन से दिल्ली से माउंट आबू जा रहे हैं, तो दिल्ली से आबू रोड रेलवे स्टेशन के टिकट के लिए करीब 2,000 रुपये खर्च करने होंगे.
. अगर आप बस से जा रहे हैं, तो पहले दिल्ली से उदयपुर के लिए 1,600 रुपये का टिकट लेना होगा.
. साधारण होटल में रहने का खर्च रात के हिसाब से 1,000 से 3,000 रुपये के बीच हो सकता है.
. एक अच्छे रेस्टोरेंट में दो व्यक्तियों के भोजन का खर्च लगभग 500 से 1,000 रुपये के बीच हो सकता है.
. माउंट आबू में घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है.

माउंट आबू कौन सी ट्रेन जाती है?

लगभग 5 ट्रेनें दैनिक आधार पर जयपुर से आबू तक चलती हैं। निम्नलिखित ट्रेनें जयपुर से आबू तक शुरू होती हैं। आश्रम एक्सप्रेस (12916) , SWRAN J RAJDHANI (12958) , योगा एक्सप्रेस (19032) , अरावली एक्सप्रेस (19708) , जयपुर अहमदाबाद पैसेंजर (54806) .

 

2. महाबलेश्वर, महाराष्ट्र : गर्मी की छुट्टियों में घूमने की बेस्ट जगह है। 

महाबलेश्वर (Mahabaleshwar) भारत के महाराष्ट्र राज्य के सतारा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह इसी नाम की तालुका का मुख्यालय भी है। यहाँ समीप ही कृष्णा नदी का उद्गम है, जिस कारणवश यह एक हिन्दू तीर्थस्थान है।

महाबलेश्वर क्यों प्रसिद्ध है?

महाबलेश्वर महाराष्ट्र का सबसे बेहतरीन हिल स्टेशन है। यह सह्याद्री पर्वतमाला पर समुद्र तल से लगभग 4500 फीट ऊपर स्थित है। यह पुराने बॉम्बे प्रेसीडेंसी की पूर्व ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। पर्यटक इसकी आकर्षक हरियाली, सुंदर उद्यानों और मनमोहक दृश्यों से रोमांचित हो जाते हैं। गर्मी की छुट्टियों में घूमने की बेस्ट जगह है।

महाबलेश्वर कब जाना चाहिए?

मार्च से जून: शानदार पलायन जब मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ती है, तो महाबलेश्वर में ठंडी जलवायु की शरणस्थली जैसा माहौल होता है। इस मौसम में तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, इसलिए यह परिवार और प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श है।

महाबलेश्वर में कौन सा ज्योतिर्लिंग है?

महाबलेश्वर मंदिर के बारे में रोचक तथ्य : शिव लिंग अपने आप प्रकट हुआ और महाबलेश्वर, अतिबलेश्वर और कोटेश्वर के आध्यात्मिक महत्व के साथ ‘त्रिगुणात्मक लिंग’ का प्रतीक है। मंदिर में एक केंद्रीय हॉल है जिसमें भगवान शिव को समर्पित त्रिशूल, रुद्राक्ष और डमरू जैसी वस्तुएं रखी हैं। ये करीब 300 साल पुरानी हैं।

महाबलेश्वर में देखने लायक कौन-कौन सी जगहें हैं?

विल्सन पॉइंट और आर्थर सीट से सूर्योदय का अद्भुत नज़ारा देखना न भूलें, क्योंकि यहाँ का वातावरण अद्भुत है। महाबलेश्वर में हाथी का सिर वाला पॉइंट एक हाथी के सिर जैसा दिखता है, जहाँ से खूबसूरत नज़ारे दिखते हैं, जबकि वेन्ना झील में बोटिंग के लिए हरियाली है। लिंगमाला झरना और प्रतापगढ़ किला देखना न भूलें।

हाबलेश्वर जाने में कितना खर्च आएगा?

तपोला, महाबलेश्वर में प्रवेश शुल्क और समय तपोला गांव के आसपास के क्षेत्र का भ्रमण करने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है, लेकिन यदि आप नौका विहार करना चाहते हैं, तो आपको 45 मिनट के लिए स्पीड बोट के लिए प्रति व्यक्ति 750 रुपये और डेढ़ घंटे की सवारी के लिए प्रति व्यक्ति 1400 रुपये का भुगतान करना होगा।

3. कूर्ग, कर्नाटक 

कोडगु भारत के कर्नाटक प्रान्त का एक जिला है। इसका मुख्यालय मडिकेरि में है। पश्चिमी घाट पर स्थित पहाड़ों और घाटियों का प्रदेश कोडगु दक्षिण भारत का एक प्रमुख पर्यटक स्‍थल है। कर्नाटक का यह खूबसूरत पर्वतीय स्‍थल समुद्र तल से 1525 मीटर की ऊँचाई पर है।

कुर्ग क्यों प्रसिद्ध है?

कूर्ग: कॉफी प्रेमियों का स्वर्ग

“कॉफी कप ऑफ इंडिया” के नाम से मशहूर कूर्ग अपने विशाल कॉफी बागानों और उच्च गुणवत्ता वाली फलियों के लिए प्रसिद्ध है जो इसकी जलवायु में पनपती हैं। इस क्षेत्र की अनूठी भौगोलिक स्थिति, इसकी धुंधली पहाड़ियों और उपजाऊ मिट्टी के कारण कॉफी की खेती के लिए आदर्श वातावरण बनता है। गर्मी की छुट्टियों में घूमने की बेस्ट जगह है।

कूर्ग घूमने के लिए सबसे अच्छा महीना कौन सा है?

अक्टूबर से मार्च तक का महीना कूर्ग घूमने के लिए सबसे अच्छा है क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और बारिश नहीं होती, जिससे यह ट्रैकिंग के लिए आदर्श महीना बन जाता है।

कर्नाटक का हिल स्टेशन कूर्ग, कॉफ़ी, संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता, और अनूठे व्यंजनों के लिए मशहूर है. इसे ‘कॉफ़ी कप ऑफ़ इंडिया’ भी कहा जाता है.
कूर्ग की खासियतें:
कॉफ़ी बागान
कूर्ग अपने विशाल कॉफ़ी बागानों और उच्च गुणवत्ता वाली कॉफ़ी के लिए प्रसिद्ध है.
प्राकृतिक सुंदरता
कूर्ग अपनी घुमावदार पहाड़ियों, झरनों, और जंगलों के लिए जाना जाता है.
संस्कृति
कूर्ग की संस्कृति परंपराओं, त्योहारों, और स्थानीय कोडवा समुदाय से समृद्ध है.
व्यंजन
कूर्ग अपने अनूठे व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है, जैसे कि ‘पांडी करी’ और ‘कदुम्बुट्टू’.
पर्यटक आकर्षण
कूर्ग के लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में एबी फ़ॉल्स, राजाज़ सीट, और दुबारे एलीफ़ेंट कैंप शामिल हैं.
सदाबहार वर्षा वन
कूर्ग अपने सदाबहार वर्षा वनों के लिए प्रसिद्ध है.
भारत कास्कॉटलैंड
कूर्ग को ‘भारत कास्कॉटलैंड’ भी कहा जाता है.
जनरेटिव एआई की सुविधा फ़िलहाल एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध है

4. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल  

दार्जिलिंग भारत के राज्य पश्चिम बंगाल का एक नगर है। यह नगर दार्जिलिंग जिले का मुख्यालय है। यह नगर शिवालिक पर्वतमाला में लघु हिमालय में अवस्थित है। यहां की औसत ऊँचाई २,१३४ मीटर (६,९८२ फुट) है।

दार्जिलिंग किस लिए प्रसिद्ध है?

दार्जिलिंग अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर यहां की दार्जिलिङ चाय के लिए प्रसिद्ध है। दार्जिलिंग की दार्जिलिङ हिमालयन रेलवे एक युनेस्को विश्व धरोहर स्थल तथा प्रसिद्ध स्थल है। यहां की चाय की खेती १८५६ से शुरु हुई थी।

दार्जिलिंग की प्रसिद्ध चीज़ क्या है?

दार्जिलिंग चाय अपने स्वाद के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जो न केवल भारत बल्कि दुनिया के अन्य चाय उत्पादक क्षेत्रों में भी बेजोड़ है। दार्जिलिंग में आज भी चाय का उत्पादन मूल तरीकों से किया जाता है, जिसे ‘रूढ़िवादी’ विधि के रूप में जाना जाता है।

दार्जिलिंग कब जाना चाहिए?

तापमान 13 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। सितंबर को दार्जिलिंग घूमने के लिए अच्छा समय माना जाता है क्योंकि इस समय बारिश कम होने लगती है और तुलनात्मक रूप से कम बारिश के साथ मौसम अधिक पूर्वानुमान योग्य हो जाता है। बारिश के बाद घाटी हरी-भरी और ताज़गी से भरी हुई दिखती है।

दार्जिलिंग घूमने का खर्च कितना है?

दार्जिलिंग यात्रा लागत: रु. 7,500/- से रु. 17,500/- प्रति व्यक्ति।

रेलवे से दार्जिलिंग कैसे पहुंचे?

रेल द्वारा। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे स्टेशन (न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से 88 किमी) के अलावा दो निकटतम रेलवे स्टेशन सिलीगुड़ी और न्यू जलपाईगुड़ी हैं । इन रेलवे स्टेशनों का कोलकाता, दिल्ली, गुवाहाटी और भारत के अन्य प्रमुख शहरों से सीधा रेल संपर्क है।

5. नैनीताल, उत्तराखंड 

नैनीताल (Nainital) भारत के उत्तराखण्ड राज्य के नैनीताल ज़िले में स्थित एक नगर और महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। कुमाऊँ क्षेत्र में नैनीताल का विशेष महत्व है। यह ‘छखाता’ परगने में आता है।

नैनीताल इतना प्रसिद्ध क्यों है?

यह उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक है, क्योंकि यह लगभग 2,084 मीटर की ऊँचाई पर एक शांत छोटी घाटी है, जिसके बीच में एक झील है। भारत में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल, नैनीताल अपनी आकर्षक प्राकृतिक सुंदरता, शांत झीलों, हरी-भरी पहाड़ियों और कई तरह की मनोरंजन गतिविधियों के लिए जाना जाता है।

नैनीताल में कब घूमने जाना चाहिए?

मौसम नैनीताल में जाडे का मौसम अक्टूबर आखिर से शुरू होकर मार्च आखिर तक रहता है, इसमें से दिसम्बर एवं जनवरी के महीने सर्वाधिक ठंडे होते हैं, जिसमें बर्फ भी गिरती है । अप्रैल से जून मध्य तथा अक्टूबर का मौसम नैनीताल में बहुत सुहाना रहता है ।

नैनीताल में सबसे फेमस चीज़ क्या है?

पर्यटक स्थल
फ्लैट्स …
उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान …
रज्जु मार्ग (रोपवे) …
घुडसवारी श्रेणी एडवेंचर, मनोरंजक …
नैनीताल राजभवन श्रेणी ऐतिहासिक, प्राकृतिक / मनोहर सौंदर्य …
हनुमान गढी श्रेणी धार्मिक, प्राकृतिक / मनोहर सौंदर्य …
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) श्रेणी अन्य …
स्नो व्यू श्रेणी प्राकृतिक / मनोहर सौंदर्य

नैनीताल घूमने में कितना खर्चा आता है?

बता दें कि सिर्फ 4000-5000 रुपए के बीच आप आराम से नैनीताल घूम सकते हैं। यहां पर आप 50-100 रुपए के बीच खाने की प्लेट ले सकते हैं और स्ट्रीट फूड का मजा ले सकते हैं।

नैनीताल जाने के लिए कौन से स्टेशन पर उतरना पड़ेगा?

नैनीताल जाने के लिए, काठगोदाम या हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर उतरना होता है. काठगोदाम, नैनीताल का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है.

रेलवे स्टेशन की जानकारी

. काठगोदाम रेलवे स्टेशन, पूर्वोत्तर रेलवे नेटवर्क का हिस्सा है.
. काठगोदाम से नैनीताल जाने के लिए टैक्सी या बस मिलती है.
. काठगोदाम रेलवे स्टेशन, दिल्ली, हावड़ा, लखनऊ, और कोलकाता से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है.
. काठगोदाम से नैनीताल की दूरी करीब 41 किलोमीटर है.
. नैनीताल जाने के लिए अन्य तरीके
. नैनीताल जाने के लिए, दिल्ली या आस-पास के शहरों से कैब भी ली जा सकती है.
. नैनीताल, राज्य के अन्य हिस्सों से बसों द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है.
. अंतरराज्यीय सेवाएँ भी उपलब्ध हैं.
. घरेलू यात्रियों के लिए पंतनगर में एक हवाई अड्डा है.
. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है.
. जनरेटिव एआई की सुविधा फ़िलहाल एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध है

 

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